जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। सुबह आठ बजे कैलाशपुरी स्थित जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शामिल महिलाएं महावीर स्वामी के जयकारे लगाते चल रही थीं। शोभायात्रा के बाद मंदिर में महावीर स्वामी की विधि विधान से पूजा की गई। अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति के संदेश देने वाले जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को हुआ था। इसी कारण प्रति वर्ष इस दिन भगवान महावीर के जन्म दिवस (जन्म कल्याणक) के रूप में मनाई जाती है। जैन समाज के लोग इसे त्योहार के रूप में अहिंसा, सत्य, करुणा और शांति के संदेशों के प्रसार और महावीर स्वामी के जीवन के सम्मान में मनाते हैं। पीडीडीयू नगर के कैलाशपुरी में वर्ष 1995 में भगवान महावीर के मंदिर की स्थापना की गई थी। इसके बाद से प्रति वर्ष जैन मंदिर से भगवान महावीर की जयंती पर शोभायात्रा निकाली जाती है। मंदिर को साफ-सफाई के बाद भव्य तरीके से सजाया गया। सुबह रथ पर भगवान महावीर की तस्वीर सजाई गई और इसके बाद गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा मंदिर से निकाली गई। शोभायात्रा कैलाशपुरी शिव मंदिर, जीटी रोड, आर्य समाज मंदिर, पटेनगर, रविनगर, कैलाशपुरी होते हुए मंदिर पर पहुंच कर समाप्त हुई। इसके बाद विधि विधान से भगवान महावीर की पूजा की गई और आरती उतारी गई। शाम को मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। शोभायात्रा में राजेश उर्फ बंटी जैन, धनेंद्र जैन, अजय जैन, स्नेहलता जैन, सुनीता, अल्का जैन, राखी जैन, नेहा जैन, अविनाश जैन, आरके जैन आदि शामिल रहे।