टांडा कला क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से पछुआ हवा ने अपना शिकंजा कस रखा है, जिसके चलते ठंड के साथ-साथ गलन भी लगातार बनी हुई है। कड़ाके की इस ठंड ने क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। लगातार बादल छाए रहने के कारण सूर्यदेव के दर्शन भी मुश्किल से हो रहे हैं। दोपहर में एक-दो घंटे के लिए हल्की धूप जरूर निकलती है, लेकिन पछुआ हवा इतनी तेज है कि सूर्य की किरणें जल्द ही बेअसर हो जाती हैं। सुबह और शाम के समय गलन इतनी बढ़ जाती है कि आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। ठंड और गलन के कारण ग्रामीणों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों के हाथ-पैर ठिठुरने और नाक से पानी बहने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। मजबूरी में लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बचाव करने को मजबूर हैं।