रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के डॉग स्क्वायड के जांबाज खोजी कुत्ते जैकी को सेवानिवृत्ति पर मंगलवार की शाम आरपीएफ कॉलोनी स्थित रिजर्व लाइन में भावभीनी विदाई दी गई। समारोह में मौजूद अधिकारियों और जवानों ने जैकी को माल्यार्पण कर उसके योगदान को याद किया और नम आंखों से उसे विदा किया। आरपीएफ जवानों ने कहा कि जैकी अपराधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम था। अपनी 10 वर्ष की सेवा के दौरान उसने पूर्व मध्य रेलवे समेत विभिन्न रेल जोनों में चोरी और तस्करी के कई बड़े मामलों का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई। उसकी तेज सूंघने की क्षमता और बेहतरीन प्रशिक्षण के चलते कई जटिल मामलों में पुलिस और आरपीएफ को सफलता मिली। जैकी की दक्षता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने अपने करियर में तीन बार “ऑल इंडिया आरपीएफ प्रतियोगिता” में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इतना ही नहीं, वह चंदौली पुलिस के लिए भी संकटमोचक साबित हुआ और कई मामलों में घटनास्थल से अहम सुराग जुटाकर जांच को दिशा दी। विदाई समारोह के दौरान जवानों ने जैकी के साथ बिताए पलों को याद किया और उसकी सेवाओं को हमेशा स्मरणीय बताया।