सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र चंदौली द्वारा मंगलवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता को लेकर दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार की मौजूदगी में हुआ, जबकि दूसरा राजकीय पॉलिटेक्निक चंदौली परिसर में संपन्न हुआ। दोनों स्थानों पर अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज की। तकनीकी विशेषज्ञों ने डिजिटल दौर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को मालवेयर, स्पायवेयर, फिशिंग लिंक, ओटीपी आधारित ठगी, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग जैसे खतरों के बारे में सरल उदाहरणों के साथ जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट कहा कि ओटीपी, पासवर्ड, बैंक जानकारी या किसी भी प्रकार की निजी सूचना किसी अजनबी को बिल्कुल न दें तथा संदिग्ध लिंक या एप्लिकेशन से दूर रहें। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। समय पर की गई रिपोर्टिंग से आर्थिक नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। अधिकारियों ने यह भी सलाह दी कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में किसी साइबर मामले में आरोपी बन जाए, तो घबराने के बजाय संबंधित प्राधिकरण से संपर्क कर कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखें। कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मोहम्मद सोराका, जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।