चंदौली में भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ बृहस्पतिवार को को रथ पर सवार होकर मौसी के घर जाने के लिए निकले। भगवान के रथ को अपने बीच पाकर भक्त निहाल हो गए। पहले रथ खीचने को होड़ रही। वहीं पहले दिन के विश्राम स्थल पर प्रभु के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी। इसके सथ ही तीन दिवसीय रथयात्रा मेला की शुरूआत हुई। इसी तरह धानापुर, बबुरी, सैयदरजा, चंदौली में भी भगवान जगन्नाथ के रथ को खीचने और जगत के नाथ के दर्शन को भक्त उमडे़। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के राम मंदिर से बृहस्पतिवार की शाम शाम पांच बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को रथ पर विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया। यहां पूजा अर्चना के बाद भगवान के रथ को गाजे बाजे के साथ भक्तों ने खींचा। जयकारे के बीच रथ जीटी रोड पर रेलवे स्टेशन के पार्सल गेट के समीप पहुंचा। सड़क चौड़ीकरण के कारण सड़क केकिनारे की दुकाने टूट चुकी है। वहीं नाले क निर्माण भी हुआ है। वहीं पर भगवान जगन्नाथ के रथ को विश्राम दिया गया। यहां पहले से ही जीटी रोड की एक पटरी पर आवागमन रोक दिया गया। सड़क के दोनों तरफ झालरों की भव्य सजावट की गई। शाम छह बजे यहां दर्शन पूजन के लिए भक्तों की कतार लगी। यहां मेला लगा रहा। इसमें लोगों ने खूब खरीदारी की। रात 10 बजे से यहां लोकगीत का आयोजन हुआ। इससे सुनने को पूरी रात लोगों की भीड़ रही। इस दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहे। शुकवार सुबह भक्त भगवान जगन्नाथ के रथ को जीटी रोड स्थित दामोदरदास पोखरा ले जाएंगे। यहां सुबह सात बजे से दर्शन पूजन होगा। इस दौरान यहां मेला लगेगा। वहीं शाम के वक्त यहां कुश्ती दंगल होगा। इसमें पहलवान जोर आजमाएंगे। शाम सात बजे रथ भक्त खींच कर सुभाष पार्क के समीप नवनिर्मित काली मंदिर के समीप ले आएंगे। यहां पूरी रात भजन कीर्तन होगा। शनिवार को रथयात्रा के तीसरे दिन भक्त रथ को खींच कर वापस राम मंदिर पहुंचाएंगे।