डोमरी में गंगा की गोद से निकले दुर्लभ नागेश्वर शिवलिंग की विधिवत स्थापना और भव्य मंदिर निर्माण की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। वार्ड संख्या 48 सूजाबाद की पार्षद शांति देवी बृहस्पतिवार को इस संबंध में वाराणसी नगर आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि गंगा से प्राप्त इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के शिवलिंग को सम्मानजनक स्थान पर स्थापित कर मंदिर का निर्माण कराया जाए। 5 जून को डोमरी क्षेत्र में गंगा में मछली पकड़ने के दौरान मछुआरों के महाजाल में करीब दो क्विंटल वजनी विशाल शिवलिंग मिला था। शिवलिंग पर चार नागों और अरघे के नीचे बनी दुर्लभ नाग आकृति को लेकर यह शिवलिंग चर्चा का विषय बना हुआ है। इतिहासकारों और धार्मिक विद्वानों ने भी इसे अत्यंत दुर्लभ बताते हुए नागेश्वर शिवलिंग की संज्ञा दी है। बुधवार की शाम शिवलिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग डोमरी घाट पर जुटे। इसी दौरान पार्षद शांति देवी ने क्षेत्रीय नागरिकों की सहमति से नगर आयुक्त को संबोधित एक पत्र तैयार किया। पत्र में कहा गया है कि गंगा से प्राप्त यह शिवलिंग क्षेत्र की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा कराकर स्थायी रूप से स्थापित किया जाए तथा वहां एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाए। पार्षद ने पत्र में उल्लेख किया है कि मंदिर निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए एक पवित्र स्थल मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण पहचान प्राप्त करेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।