सिक्स लेन हाईवे पर दौड़ते तेज रफ्तार ट्रकों और बसों के बीच से रोजाना पांच से 10 साल तक के 200 बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। सड़क पार करने के डर से पिछले तीन वर्षों में दुलहीपुर कंपोजिट विद्यालय से 179 बच्चे कम हुए हैं। कई ने सरकारी स्कूल छोड़ निजी स्कूलों का रुख कर लिया, जबकि बाकी बच्चे सड़क क्रॉस करने में मजबूर हैं।