भैया दूज पर भाईयों की लंबी उम्र के लिए बहनों ने गोधन कूटा और यम-यमुना की कथा सुनी। बाद में भाइयों को मिठाई खिलाकर लंबी उम्र की कामना की। भाइयों ने भी अपने सामर्थ्य के अनुसार, बहनों को उपहार दिए। इसके पूर्व बहनों ने सुबह भाईयों को श्राप दिया, जबकि बाद में कांटे को जीभ में चुभोकर पश्चाताप किया। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं ने गोबर से यम-यमुना-जीव-जंतुओं की आकृति बनाई और एकत्र होकर उसे मूसल से कूटा। दीपावली के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भइया दूज मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन यम और यमुना की पूजा-अर्चना कर गोधन कूटने के बाद भाइयों को मटर के दाने और मिठाइयां खिलाने से उनकी लंबी उम्र होती है। भाईयों पर आया संकट टल जाता है।