टांडा कला क्षेत्र में लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त करने के साथ ही किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बीते तीन दिनों से चल रही बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण सुबह और शाम गलन बेहद बढ़ गई है। शनिवार को काफी जद्दोजहद के बाद भगवान भास्कर के दर्शन तो हुए, लेकिन बादलों और कोहरे की लुका-छिपी दिनभर बनी रही।