टांडाकला क्षेत्र में रविवार को मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिले। सुबह जहां भीषण कोहरे ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थाम दी, वहीं 8 बजे के बाद निकली तेज धूप ने लोगों को कड़ाके की ठंड से बड़ी राहत दी। पछुआ हवाओं की गति कम होने के कारण धूप का असर इतना प्रभावी रहा कि दिन में लोगों को गर्म कपड़े उतारने तक पर मजबूर होना पड़ा। रविवार की सुबह 5 बजे से ही पूरा क्षेत्र घने कोहरे की चादर में लिपटा रहा। दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि, सुबह 8 बजते ही कोहरे को चीरते हुए भगवान सूर्यनारायण के दर्शन हुए। हल्की पछुआ हवा चलने से कोहरा छंट गया और खिली हुई धूप ने बाजारों, गलियों और खेतों में रौनक ला दी।