अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि भगवान ने हमें मनुष्य बनाकर बड़ा उपकार किया है। वह हमें किसी भी योनि में भेज सकते हैं। हमारे पूर्वजों ने अच्छे कर्म किए होंगे, तभी हमें संसार में मनुष्य बनाकर भेजा गया। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने अंदर के अहंकार को खत्म कर भागवत में अपना जीवन लगाएगा तो उसके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। उन्होंने यह बात आवास विकास प्रथम में बुधवार को शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा में कही। कथा शुरू होने से पहले सुबह क्षेत्र में श्रद्धा के साथ कलश यात्रा निकाली गई।