बदायूं के कादरचौक में रुहेलखंड का मिनी कुंभ कहे जाने वाला ककोड़ा मेला बसकर तैयार हो चुका है। मेला ककोड़ा में एलईडी लाइटें लगाई गईं हैं, इसलिए शाम ढलते ही मेला पूरी तरह से दूधिया रोशनी से नहा जाता है। चूंकि मेला के उद्घाटन में दो दिन का समय बचा है, इसलिए आनन-फानन तैयारियां पूरी की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के काफिले पहुंच रहे हैं। काफी लोगों ने अपने-अपने तंबू लगाए। गंगा के किनारे रेत की सफेद चादर पर बसा तंबुओं का शहर तीर्थ नगरी जैसा बन गया है। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र ककोड़ा मेला पूरी तरह से तैयार हो चुका है। मां गंगा की आस्था श्रद्धालुओं को गंगा तीरे खींचकर ला रही है। मेला में परिवार सहित स्नान कर श्रद्धालु सूर्य भगवान की उपासना कर रहे हैं। 15 दिन चलने वाले इस मेले में दूरदराज से लोग अपना पूरा साजो सामान लेकर पहुंच गए हैं। वह मनोरंजन के लिए संगीत का भी सामान साथ लेकर आए हैं। 14 नवंबर को ककोड़ा मेले का उद्घाटन होगा। 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान है।