बिजनौर जनपद के धामपुर अल्हैपुर ब्लॉक में स्थित संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में सोमवार को ब्लॉक क्षेत्र की अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकत्री शामिल हुई। बताया गया कि विवाह के अधिकारियों ने कि उनके मोबाइल व्हाट्सएप नंबर पर रात्रि के दौरान मैसेज गया कि वह पांच जनवरी की शाम तक हर हाल में कर्मयोगी भारत ऐप को डाउनलोड कर ले। यह ऐप डाउनलोड नहीं किया तो उनका मानदेय रोका जा सकता है। जिसके कारण कार्यकर्ताओं में खलबली मच गई। अपने मोबाइल के साथ अधिकांश महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने मोबाइल के साथ परियोजना कार्यालय पर एकत्रित हुई लेकिन प्रयास करने के बाद भी यह ऐप महिलाओं के मोबाइल में डाउनलोड नहीं हो पा रहा । जिसके कारण अधिकांश महिलाएं परेशान है । उनके विभाग में कोई भी अधिकारी कर्मचारी मदद करने के लिए तैयार नहीं है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेशा ,राखी ,भावना, नेहा, चित्रा तेजियन, चारु रवि, आदेश ,शीतल, अनु ,निशा आदि ने बताया कि इस इस ऐप का उनके विभाग के कार्य में कोई योगदान नहीं है। लेकिन फिर भी विभाग के अधिकारी उनके मोबाइल में ऐप को डाउनलोड करने का प्रयास कर रहे हैं। जानकारी करने पर कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जा रहा। महिलाओं का कहना है कि कार्यालय में पांच सुपरवाइजर कार्यरत हैं ।लेकिन सोमवार को केवल चार सुपरवाइजर मौजूद रहीं। जबकि एक सुपरवाइजर जो शेरकोट क्षेत्र में कार्यरत हैं । वह गैर हाजिर रही । जिससे शेरकोट क्षेत्र की से आई महिलाओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा । उधर सुपरवाइजर साधना गौतम का कहना है कि उनके द्वारा किसी के भी मानदेय को रोकने की हिदायत नहीं दी गई । कार्यकर्ताओं के लगे आरोपों को गलत बताया। सभी महिलाओं से उनके मोबाइल पर ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा गया है ।लेकिन यह कोई जरूरी नहीं है है कि यह डाउनलोड आज ही होना है। सोमवार शाम तक आज नहीं हो पता है तो संबंधित महिलाएं एक-दो दिन के भीतर इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। कोई दिक्कत है तो दफ्तर में आकर मदद ले सकती हैं।