कड़ाके की ठंड एवं कोहरे से बचने के लिए पौधों की सुरक्षा की जा रही है। मुख्यालय मार्ग जोरई स्थित वन विभाग कार्यालय के समीप नर्सरी में पहली बार अस्थाई रूप से शेड हाउस का निर्माण किया गया है। इससे पौधों को सुरक्षित किया जा रहा है। मानसून सत्र में करीब 12 लाख से अधिक पौधे रोपित किये जाएंगे। इसलिए विभाग की 18 नर्सरी में 14 लाख पौधे तैयार किया जा रहा है। जिले में पड़ने वाली हाड़कंपाऊ ठंड से जनजीवन बेहाल है, ठंड का असर मनुष्य पर ही नहीं बल्कि पशु, जानवर, पक्षीं और पेड़ों पर भी पड़ा है। जोरई नर्सरी में तैयार किये जा रहे पौधों को ठंड से बचाने और सुरक्षित रखने के लिए पहली बार शेड हाउस बनाया गया है। इसे बनाने से पौधों को समुचित तापमान मिलेगा, सारे बीज अच्छे से अंकूरित होंगे। इससे विभाग को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। पहली बार वन विभाग के जोरई नर्सरी में शेड हाउस बनाया गया है। इससे देखने के लिए विभाग के अन्य नर्सरी प्रभारी भी आ रहे हैं। वन विभाग में कुल 18 नर्सरी है। जोरई नर्सरी की हर कोई प्रशंसा कर रहा है, इससे पहले नर्सरी कभी ऐसी नहीं था। नर्सरी का सौंदर्यीकरण देखकर डीएफओ भी अपने आप को नहीं रोक सके। बीते महीने निरीक्षण कर नर्सरी की स्थिति देखी। हालांकि नर्सरी प्रभारी उमेश पटेल है। ज्ञानपुर रेंजर सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शेड हाउस बनाया गया है। इससे ठंड से पौधे सुरक्षित रहेंगे।