क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और कोतवाली की संयुक्त टीम ने आठ महीने 25 दिन बाद पुजारी हत्याकांड का खुलासा किया। पुजारी की हत्या मंदिर का घंटा चोरी करते हुए नींद से जागने पर हुई थी। हत्यारों ने उन्हें लोहे काटने वाली आरी और नुकीला सामान गले में घोंपकर मौत के घाट उतारा था। सुरियावां कोतवाली के बावन बीघा तालाब के पास प्राचीन हनुमान मंदिर पर पुजारी सीताराम (75) 25 सालों से पूजा-पाठ का काम करते थे। बीते साल 30 सितंबर को मंदिर के पास ही स्थित उनके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी लाश मिली थी। पुलिस की जांच में पता चला कि पुजारी के गले पर वार कर हत्या की गई है। घटना के बाद से ही पुलिस ने फारेसिंक साक्ष्य संकलन के अलावा सर्विलांस की मदद से हत्यारों को ढूंढने में जुटी थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ भी क और आखिरकार हत्या के आठ महीने 25 दिन बाद पुलिस को सफलता हाथ लगी। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुरियावां रेलवे स्टेशन के पास से बावन बीघा निवासी अच्छे गौतम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की आरी, चोरी का नौ घंटा बरामद किया। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वे और उनके साथी कलंदर गौतम 30 सितंबर की रात साथ में गांजा पीकर नशे की हालत में मंदिर पर लगे पीतल के घंटे को निकाल रहे थे। इस बीच पुजारी की नींद खुल गई। वे हम लोगों को जानते थे। पोल खुलने के डर से उन्हें कमरे में लेकर पहले गला दबाया। उसके बाद लोहे काटने वाली मशीन से उनके गले में घोंपकर हत्या कर दी। हत्या के बाद चोरी के घंटा और अन्य सामान लेकर उसे पास के ही झाड़ी में छिपा दिया। इस तरह हत्यारों तक पहुंची पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि घटनास्थल के पास सीसीटीवी इत्यादि न होने से अनावरण में काफी मुश्किल आई, लेकिन आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि मंदिर में चोरी के मामले सामने आते रहते हैं और मंदिर के पास कुछ लोग नशा इत्यादि करते हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि अभियुक्त अच्छे गौतम बीच में कुछ दिन के लिए मुंबई गया था। जिससे पुलिस ने शक के आधार पर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में हत्यारे ने सारे राज उगल दिए। बताया कि हत्या में शामिल दूसरे अभियुक्त को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।