बरेली के श्मशान स्थलों पर सैकड़ों अस्थि कलश कई वर्षों से विसर्जन के लिए अपनों का इंतजार कर रहे हैं। पितृपक्ष में जहां लोग पितरों की शांति के लिए दान-पुण्य करते हैं, वहीं ये अस्थियां मोक्ष की आस में टकटकी लगाए रहती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अस्थियों का समय पर विसर्जन न होने से आत्माओं को शांति और मोक्ष नहीं मिलता है।