बरेली के जिला अस्पताल मनकक्ष के मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के मुताबिक 25 से 45 वर्ष आयुवर्ग के कई युवा मनकक्ष में इलाज के लिए पहुंचते हैं। जो बताते हैं कि वे चीजें रखकर भूल जाते हैं। साथ ही, कोई कही गई बात भी उन्हें याद नहीं रहती। इसके अलाव चेहरे भी कई बार याद नहीं रहते। ये अल्जाइमर जैसे लक्षण हैं, लेकिन यह अलग समस्या है। इसकी कई वजहें होती हैं। बेचैनी और किसी बात को ज्यादा देर तक सोचने या तनाव में रहने से भी युवा चीजें भूल जाते हैं। हाइपो थायराइड में भी याद्दाश्त कमजोर होने लगती है। दवाओं से इलाज मुमकिन है।