केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर बरेली में कर्मचारियों और श्रमिकों ने बुधवार को सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक्स यूनियन के पीके महेश्वरी ने सरकार की आर्थिक नीतियों को जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीयकृत बैंकों से अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, जिससे निजीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा। इसका हम विरोध करते हैं। ट्रेड यूनियंस फेडरेशन की उपमहामंत्री और बीमा कर्मी संघ की महामंत्री गीता शांत ने कहा कि सरकार की मंशा सार्वजनिक उपक्रमों और प्राकृतिक संपदा को औने-पौने दामों में पूंजीपतियों को बेच देने की है। उपाध्यक्ष ध्यान चन्द्र मौर्य ने कहा कि यह सरकार संविधान में श्रमिकों मजदूरों और कर्मचारियों को मिले अधिकारों को छीनकर नई चार लेबर संहिताओं को लागू कर रही है, जो ट्रेड यूनियंस को खत्म करने की साजिश है। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के रंजन मोहले ने देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी के लिए सरकार की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार बताया।