बरेली में मोहम्मद सकलैन मियां के पहले उर्स के चौथे दिन खानकाह शराफतिया में मुरीदों का कारवां उमड़ पड़ा। दिनभर हाजिरी व चादरपोशी का सिलसिला चला। मंगलवार को कार्यक्रम की शुरुआत सज्जादानशीन गाजी मियां की सरपरस्ती में कुरानख्वानी से हुई। मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि सुबह आठ बजे फातिहा के बाद दिनभर लंगर चला। रात में ईशा की नमाज के बाद तिलावते कुरान के साथ मुख्य तकरीरी कार्यक्रम का आगाज हुआ। पटना की खानकाह मुनअमिया से आए अल्लामा प्रोफेसर शमीमउद्दीन मुनअमी मियां ने खानकाह सकलैनिया शराफतिया को हिंदुस्तान की सबसे मशहूर खानकाह बताया। अल्लमा मुख्तार अशरफ व मौलाना आबिद सकलैनी ने सकलैन मियां की जिंदगी पर रोशनी डाली। उर्स में शिरकत करने के लिए महाराष्ट्र से 1300 जायरीन का सकलैनी कारवां ट्रेन से बरेली पहुंचा। शाह सकलैन एकेडमी ने जंक्शन पर उनका इस्तकबाल किया।