देश में पतंग और मांझे के व्यापार का मुख्य केंद्र होने के बावजूद बरेली का पतंग व्यवसाय खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। व्यवसायियों का कहना है कि मोदी और योगी दोनों ने बरेली की इस पहचान को बुलंदियों तक पहुंचाने की बात कही थी लेकिन दोनों अपना वादा भूल गए।