बाराबंकी। शहर के बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन जाने वाले प्रमुख मार्ग महावीर मार्ग पर लंबे समय से संचालित मछली मंडी को आखिरकार बुधवार को हटा दिया गया। नगर पालिका ने मंडी की दुकानों को ध्वस्त कर दिया और मछली विक्रेताओं को माल गोदाम रोड किनारे बनाए गए टिनशेड में अस्थायी दुकानें आवंटित कर दी हैं। इस कार्रवाई को प्रशासन का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल प्रमुख सड़क से गंदगी दूर हुई है, बल्कि जैन धर्मावलंबियों की लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी हुई है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की प्रशासनिक क्षमता की सराहना करते हुए जैन समुदाय ने आभार व्यक्त किया है। मछली मंडी को हटाकर सड़क चौड़ीकरण के नगर पालिका बोर्ड के प्रस्ताव के विरोध में मछली मंडी के दुकानदारों ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। हालांकि, नगर पालिका द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाब से न्यायालय संतुष्ट हुआ। न्यायालय में अपना जवाब दाखिल करने के क्रम में, नगर पालिका ने माल गोदाम रोड पर अस्थाई दुकानें बनाने का काम शुरू किया था। दुकानों के निर्माण के बाद, बुधवार की सुबह विक्रेताओं से दुकानें खाली कराकर उन्हें माल गोदाम रोड पर स्थापित कराया गया। इसके पश्चात, जेसीबी मशीनों की सहायता से पुरानी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि मछली दुकानदारों को फिलहाल अस्थायी टिनशेड में दुकानें दी गई हैं। यह कदम बस स्टेशन से रेलवे स्टेशन तक एक मॉडल सड़क के निर्माण की योजना के तहत उठाया गया है। मछली मंडी की दुकानों को हटाने और सड़क को चौड़ा करने का मुख्य उद्देश्य यातायात सुगम बनाना और शहर के सौंदर्य को निखारना है। इस कार्रवाई से शहर की एक प्रमुख सड़क से गंदगी और अतिक्रमण की समस्या का समाधान हुआ है, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।