यूपी के बाराबंकी में 20 दिन पहले हुई मारपीट में घायल युवक की मौत हो गई। शुक्रवार को गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। हंगामा चार घंटे तक चला। प्रशासन की नाकामी और दोषियों की गिरफ्तारी न होने से उपजे गुस्से ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस दौरान एंबुलेंस समेत सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। 14 दिसंबर को बदोसराय थाना क्षेत्र के खजुरी चौराहा स्थित दुकानों पर कब्जे को लेकर मसूदपुर के संतराम वर्मा और रमेशचंद्र वर्मा के बीच झगड़ा हुआ था। मारपीट में रमेशचंद्र का भतीजा सुनील कुमार वर्मा (35) गंभीर रूप से घायल हो गया। 20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझते हुए सुनील ने शुक्रवार को लखनऊ के केजीएमयू में दम तोड़ दिया। शाम को शव गांव पहुंचा तो गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने खजुरी चौराहे पर शव रखकर कोटवाधाम-कोटवा मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पुलिस ने दोषियों को बचाने के लिए पीड़ित पक्ष पर ही शांतिभंग की कार्रवाई की।