बाराबंकी में रसोई गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमत और आपूर्ति की कमी के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गैस लेने के लिए लोगों को सुबह तड़के ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, इसके बावजूद कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय निवासी सुभाष चंद्र गुप्ता ने बताया कि वह सुबह करीब 7 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर 12:30 बजे तक उन्हें गैस नहीं मिल सकी। उपभोक्ताओं का आरोप है कि लाइन में लगे लोगों को पर्चियां दी जा रही हैं, लेकिन मानकों का पालन नहीं हो रहा है और कई अन्य लोगों को भी सीधे पर्चियां दे दी जा रही हैं। ओमकार और देशराज ने बताया कि वे सुबह 9 बजे से लाइन में खड़े हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग प्रति व्यक्ति 50 रुपये लेकर अंदर जाकर पर्चियों पर नंबर लगवा देते हैं और गैस सिलेंडर लेकर निकल जाते हैं, जबकि आम लोग घंटों लाइन में लगे रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।।शबनम और हाशमी नूर ने भी अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उन्हें गैस नहीं मिल सकी। शबनम, जो घर-घर जाकर प्रपत्र बांटने का काम करती हैं। उन्होंने ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से लाइन में लगी हैं, फिर भी गैस नहीं मिल पाई है। इसी तरह मोहम्मद नासिर, सेतुराम और मारकंडे सहित कई लोग गैस के लिए कतार में लगे रहे। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति की कमी का असर अब जिले में भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई होटलों और चाय की दुकानों पर भी गैस सिलेंडर की कमी देखने को मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि गैस उपलब्ध न होने के कारण उन्हें चाय और अन्य खाद्य पदार्थ भट्ठियों पर बनाकर काम चलाना पड़ रहा है। वहीं वीडियो जैदपुर कस्बे में सिलिंडर को लेने के लिए दूसरे दिन भी लंबी कतार लग गई थी। लोग सुबह 4 बजे से गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पर जमा होने लगे थे। जिन उपभोक्ताओं की पर्ची पहले कटी हुई थी उनको पहले सिलिंडर दिए गए। और नई 4 सौ पर्ची काटने के लिए के लंबी लाइन लगी हुई थी। लेकिन एक नई समस्या यह है कि उपभोक्ताओं के मोबाइल से 15 दिन के लिए ओटीपी बन्द हो गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी पर मोबाइल से बुक करानी पड़ रही है।