नेत्रहीन होने के बावजूद जिस बेटे को आंखों का तारा मानकर किसी तरह पालपोस कर बड़ा किया, वह उनका सहारा बनने के बजाए उनसे भीख मंगवाकर उनके सहारे मौज करना चाहता है। मना करने पर नेत्रहीन माता-पिता व छोटे भाई-बहनों को पीटा। पिता का हाथ टूट गया। रविवार की रात करीब सवा 12 बजे हैदरगढ़ सीएचसी से नेत्रहीन दंपती को जिला अस्पताल रेफर किया गया। मामला सुबेहा थाने के ग्राम लोधीपुर का है। यहां के रहने वाले नेत्रहीन राम समुझ व उनकी पत्नी विद्यादेवी ने जिला अस्पताल में बताया कि उनकी बड़ी पुत्री वंदना का विवाह हो चुका है। छोटी बेटी अर्चना, पुत्र अमरदीप मंदीप, बड़े पुत्र ललित के साथ रहते हैं। राम समुझ ने बताया कि ललित ने अपनी मर्जी से विवाह कर लिया है। बहू ज्योति के साथ मिलकर हम दोनों को भीख मांगने के लिए विवश करता है। कहता है कि नेत्रहीन होने के कारण हर कोई भीख देगा। भीख मांगने से मना करने पर रविवार को सुबह खाना नहीं दिया। शाम को मारापीटा। छोटे भाई-बहनों को बांका लेकर मारने दौड़ा। गांव वालों ने बचाया। 112 डॉयल करने पर पुलिस आई तो दोनों भाग गए। पुलिस ने सीएचसी हैदरगढ़ पहुंचाया जहां हाथ टूट जाने के कारण यहां भेज दिया।