तहसील क्षेत्र के खरेई गांव के मजरा उसरा डेरा निवासी 30 वर्षीय पंकज निषाद की सोमवार रात ट्रैक्टर-ट्राली पलटने से मौके पर ही मौत हो गई। पंकज खप्टिहा कलां से मिट्टी डालकर ट्रैक्टर-ट्राली से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान खरेई तालाब के पास जंगल क्षेत्र में ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया था। वहीं मंगलवार सुबह परिजन ने ट्रक से हादसा होने का आरोप लगाकर शव नहीं उठने दिया और मुआवजे की मांग हंगामा किया। पंकज की पांच वर्ष पूर्व कुम्हारिया डेरा में शादी हुई थी। चार वर्ष पूर्व उसके बड़े भाई ने फंदा लगाकर मौत दे दी थी। पंकज के पास मात्र दो बीघा कृषि भूमि थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसके परिवार में पत्नी संगीता, मां भूरी, दो छोटे बच्चे यश बाबू (4 वर्ष) और कृष्णा बाबू (2 वर्ष) हैं। परिजन का आरोप है कि मौरंग खदान से जुड़े एक ट्रक ने ट्रैक्टर में टक्कर मारी जिससे यह हादसा हुआ। बड़े भाई फूलचंद निषाद ने मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि जब तक आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं होती तब तक शव को सड़क से नहीं हटने दिया जाएगा। मंगलवार सुबह थाना प्रभारी राजेश कुमार वर्मा, चौकी इंचार्ज हरिशरण सिंह ने परिजन से बातचीत की। थाना प्रभारी ने कहा कि ग्रामीणों के लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया निराधार हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की सूचना पर तहसीलदार राधेश्याम सिंह को दी गई। घटना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार राधेश्याम सिंह ने परिजन को समझाकर आश्वासन दिया कि शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया और पुलिस ने पंचनामा भरकर आगे की कार्रवाई शुरू की।