समाजवादी पार्टी की बैरिया इकाई ने सोमवार को 15 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं को उठाया और उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि मांगपत्र राज्यपाल तक भेज दिया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए पं. तारकेश्वर मिश्र ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। सरकार को युवाओं के हित में प्रभावी कदम उठाने चाहिए। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों, बदहाल विद्युत व्यवस्था, बिगड़ती कानून व्यवस्था, किसानों को खाद-बीज और सिंचाई सुविधाओं की कमी तथा डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की अनुपलब्धता जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए 15 जून की समय सीमा निर्धारित होने के बावजूद अधिकांश ठोकरों की मरम्मत अधूरी है, जिससे क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। सपा के प्रदेश महासचिव संजय मिश्र ने कहा कि पिछले वर्ष चक्की नौरंगा समेत कई गांवों में गंगा और घाघरा नदी की कटान से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए, लेकिन आज तक उन्हें समुचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिल सका। वहीं सपा नेता अंगद मिश्र ने बाढ़ के दौरान प्रशासन की मदद करने वाले नाविकों को अब तक मेहनताना न मिलने का मुद्दा उठाया। धरने के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि जिले में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने, जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया सरल बनाने तथा कथित फर्जी एनकाउंटर मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।