राजनेताओं द्वारा हिंदू देवी देवताओं को जाति से जोड़ने के बाद जिले में पूजा के लिए डीएम से अनुमति मांगने का अनोखा मामला सामने आया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि प्राशासनिक स्तर पर आवेदक को मंदिर में पूजा करने की अनुमति दी गई अथवा नहीं, लेकिन यजमान ने इसके लिए आवेदन जरूर किया था। जीराबस्ती निवासी और हनुमान मंदिर वार्षिकोत्सव पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान नवीन कुमार राय ने बताया कि मंदिर में पूजा अर्चना से पहले जिलाधिकारी से विशेष अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। बताया कि यह कदम प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के उस विवादित बयान के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने हनुमानजी को राजभर बिरादरी से जोड़ा था। राय ने कहा कि उन्हें आशंका थी कि कहीं पूजन के दौरान कैबिनेट मंत्री की ओर से कोई विवाद न खड़ा हो जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हनुमान जी को भगवान के रूप में मानते हैं और यही उनकी आस्था है। इसलिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही बुधवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। बता दें कि शहर से सटे देवकली गांव में स्थित हनुमान मंदिर में बुधवार को वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजन-अर्चन और पंचगव्य स्नान का आयोजन हुआ। इस दौरान भक्तों ने सुंदरकांड का पाठ भी किया।