फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : राम वन गमन और केवट संवाद प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु हुए भावविभोर

स्थानीय धर्मशाला में चल रही श्रीराम कथा के दौरान प्रवाचक मंजूलता ने आज के प्रसंग में राम वन गमन एवं केवट संवाद का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। प्रवाचक ने बताया कि पिता के वचन की मर्यादा निभाते हुए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया और माता सीता व लक्ष्मण के साथ अयोध्या त्याग दिया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्शों का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करना ही सच्चे जीवन का मार्ग है। इसके साथ ही केवट संवाद का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीराम गंगा पार करने पहुंचे, तब केवट ने अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से उनके चरण धोकर ही नाव में बैठाने की विनती की। यह प्रसंग भगवान और भक्त के मधुर संबंध तथा सच्ची भक्ति की भावना को दर्शाता है। प्रवाचक ने कहा कि केवट की निष्कपट भक्ति हमें सिखाती है कि सच्चे मन से की गई सेवा और श्रद्धा भगवान तक पहुंचने का सर्वोत्तम मार्ग है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर रतन अग्रवाल, चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य, अनिल अग्रवाल, सुशील बंसल, बलराम मिश्रा, कृष्णामोहन सिंह, रामचंद्र अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, नरेश मित्तल, महेश मित्तल, गोपाल अग्रवाल, रामकुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें