बहराइच के सरयू तट पर बसे बेड़नापुर गांव का मटेरिया बाग शरद पूर्णिमा के दिन हर साल श्रद्धा और परंपरा से सराबोर हो उठता है। यहां पिछले करीब डेढ़ सौ वर्षों से मेले में राज परिवार की ओर से दमा की निःशुल्क दवा वितरित की जाती है, जिसे पाने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से लोग आते हैं। रेहुआ स्टेट के राजा रुद्र प्रताप सिंह का राजमहल आज भी इस परंपरा का साक्षी है। वर्तमान में यह सेवा रानी किरण सिंह के नेतृत्व में की जाती है। उन्होंने बताया कि यह औषधि बनाने की प्रक्रिया शरद पूर्णिमा से लगभग एक माह पहले शुरू हो जाती है। देश के विभिन्न हिस्सों से जड़ी-बूटियां मंगाकर पारंपरिक विधि से तैयार की जाती हैं। रानी किरण सिंह के अनुसार, इस मेले की शुरुआत उनके पूर्वज राजा रुद्र प्रताप नारायण सिंह के समय हुई थी। उनके भाई को दमा की गंभीर बीमारी थी। राजवैद्य ने शरद पूर्णिमा की रात तैयार एक विशेष जड़ी-बूटी उन्हें दी, जिससे वह पूर्णतः स्वस्थ हो गए। इसके बाद राजा ने अपने राज्य के सभी दमा रोगियों के लिए हर वर्ष निःशुल्क औषधि वितरण की परंपरा शुरू की। तब से लेकर आज तक यह सेवा बिना रुके जारी है। दावा है कि आज भी हजारों मरीज यहां आकर दवा खाते हैं और राहत पाते हैं। मेले का आयोजन रानी किरण सिंह के साथ उनकी बेटियों राजकुमारी देव्यानी सिंह, शिवानी सिंह और देवीना सिंह के नेतृत्व में किया जाता है। आयोजन और दवा वितरण व्यवस्थाएं राजकुमारी देव्यानी सिंह देखती हैं।