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VIDEO: एसएसबी ने संदिग्ध मानव तस्करी का प्रयास विफल किया, नेपाली नाबालिग बालिका सुरक्षित बचाई

भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 42वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सतर्कता दिखाते हुए संदिग्ध मानव तस्करी के एक प्रयास को विफल कर नेपाली नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचा लिया। साथ ही एक संदिग्ध नेपाली युवक को पकड़कर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कमांडेंट गिरीश चन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 25 जून 2026 को सुबह लगभग 10:50 बजे रुपईडीहा स्थित बीआईटी चेक पोस्ट पर नियमित जांच और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग ड्यूटी के दौरान एसएसबी के जवानों ने नेपाल जा रहे एक नेपाली युवक और एक किशोरी को रोककर पूछताछ की। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने स्वयं को भाई-बहन बताया, लेकिन उनके जवाबों में विरोधाभास मिलने पर जवानों को संदेह हुआ। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और स्वयंसेवी संस्था देहात इंडिया की मौजूदगी में दोनों की अलग-अलग काउंसलिंग और गहन पूछताछ की गई। सत्यापन के दौरान किशोरी द्वारा दी गई जानकारी गलत पाई गई। उसकी कथित बहन ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया और उसकी माता का संपर्क उपलब्ध कराया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रह रही माता ने बताया कि किशोरी पहले से विवाहित है और उसे एक युवक अपने साथ ले गया था। जांच में पता चला कि युवक विवेक कुमार साह, निवासी रौतहट (नेपाल), नेपाल के एक गारमेंट कारखाने में कार्य करता है और वह किशोरी को अपने साथ नेपाल ले जा रहा था। दोनों के बीच भाई-बहन होने का दावा पूरी तरह असत्य पाया गया। किशोरी की संभावित नाबालिग आयु और यात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए मामला मानव तस्करी अथवा शोषण से जुड़ा प्रतीत हुआ। आवश्यक कानूनी और संरक्षण संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नेपाली नाबालिग बालिका को उसकी सुरक्षा और देखभाल के लिए नेपाल स्थित शांतिपूर्ण स्थापना गृह को एएचटीयू और देहात इंडिया की उपस्थिति में सुपुर्द कर दिया गया। वहीं संदिग्ध युवक विवेक कुमार साह को अग्रिम जांच और आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया। कमांडेंट गिरीश चन्द्र पाण्डेय ने बताया कि 42वीं वाहिनी एसएसबी भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, महिला एवं बाल शोषण तथा अन्य सीमा पार अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ मानव जीवन की रक्षा और संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई एसएसबी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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