बहराइच। भारत–नेपाल सीमा पर स्थित आदर्श नगर पंचायत रूपईडीहा में एसआईआर फॉर्म भरे जाने की प्रक्रिया को लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। इस संबंध में निवर्तमान भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य रतन अग्रवाल ने गंभीर सवाल उठाते हुए विधिवत जांच और सत्यापन की मांग की है। रतन अग्रवाल ने बताया कि 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर दादा-दादी व नाना-नानी से संबंधित विवरण भरने में निवास प्रमाण पत्रों के उपयोग में अनियमितता हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सामान्य निवास प्रमाण पत्र लगाए जा रहे हैं, जबकि डोमिसाइल प्रमाण पत्र अनिवार्य होना चाहिए था। सामान्य निवास प्रमाण पत्र और डोमिसाइल में स्पष्ट अंतर होता है। डोमिसाइल प्रमाण पत्र के लिए दो राजपत्रित अधिकारियों द्वारा सत्यापन आवश्यक होता है, जबकि सामान्य निवास प्रमाण पत्र बिना कठोर जांच के आसानी से बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत–नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यदि दादा-दादी व नाना-नानी के विवरणों का समुचित सत्यापन नहीं किया गया तो एसआईआर का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। रतन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की विधिवत जांच कर प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जाए, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।