फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO: भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण में पार्किंग शुल्क वृद्धि से व्यापार प्रभावित होने की आशंका, एजेंट ने सौंपा ज्ञापन

भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (ICP) कारगो रुपईडीहा में पार्किंग शुल्क बढ़ाए जाने और पार्किंग अवधि 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किए जाने के विरोध में कस्टम हाउस एजेंट हबीब अहमद ने आईसीपी मैनेजर को ज्ञापन देकर शुल्क वृद्धि पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे व्यापारियों का खर्च बढ़ेगा और व्यापारी अपना व्यापार गैर आईसीपी बॉर्डरों जैसे गौरीफंटा, सोनौली और बढ़नी की ओर मोड़ सकते हैं।ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में रुपईडीहा ही एकमात्र आईसीपी है। ऐसे में पार्किंग शुल्क वृद्धि सरकार की (ईजी ऑफ डूइंग बिसनेस) नीति को प्रभावित कर सकती है और आयात–निर्यात दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। हसीब अहमद ने ICP में कई मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया खराब इंटरनेट व्यवस्था, कैंटीन व पेयजल सुविधा का अभाव, रेफर कंटेनरों के लिए प्लगइन व्यवस्था का न होना, कारगो सेक्शन में बिजली की कमी, निर्यात सेक्शन में वेयरहाउस न होना तथा इंटरनेट समस्या के कारण एग्जामिनेशन कार्य में देरी होना प्रमुख समस्याएं बताई गईं। प्रबंधन की सफाई: “टैरिफ सरकार द्वारा निर्धारित, सभी आईसीपी पर समान लागू क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण सुधीर शर्मा ने बताया कि टैरिफ सरकार द्वारा तय किया जाता है और पूरे देश के सभी ICP पर समान लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश स्थित आईसीपी का कार्यभार वे फिलहाल संभाल रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि— आईसीपी की कैंटीन फिलहाल बंद है और पहले प्रमिला सिंह के नाम से संचालित होती थी। नया टेंडर जारी करने की प्रक्रिया जारी है।इंटरनेट व्यवस्था में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कभी-कभी अधिकारियों को देर रात तक कार्य करना पड़ता है, लेकिन clearance में रुकावट नहीं आने दी जाती। पेयजल सुविधा के लिए 41 आर ओ मशीनें आईसीपी परिसर में स्थापित की गई हैं। व्यापारिक गतिविधियां तेज — कई वाहन पहुंच चुके सुधीर शर्मा ने बताया कि आईसीपी रुपईडीहा से— भारत से नेपाल को हाउसहोल्ड सामान, पेट्रोलियम, डीजल, सीएनजी गैस, इलेक्ट्रिक गुड्स, बिजली के खंबे, जनरेटर, ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन आदि का नियमित निर्यात होता है। नेपाल से भारत को जड़ी-बूटियां प्रमुखता से आती हैं। प्रतिदिन औसतन 125–150 ट्रक आवागमन करते हैं, जबकि कई बार यह संख्या 200 तक पहुंच जाती है। समाचार लिखे जाने तक सुधीर शर्मा ने बताया कि 60 टैंकर पेट्रोलियम उत्पाद एवं चार सब्जी से लदे वाहन निर्यात के लिए आईसीपी परिसर के अंदर प्रवेश कर चुके थे। कस्टम हाउस एजेंट हबीब अहमद ने मांग की है कि जब तक प्रदेश में दूसरा आईसीपी शुरू नहीं हो जाता, तब तक पार्किंग शुल्क और पार्किंग अवधि पूर्ववत रखी जाए, ताकि व्यापार प्रभावित न हो। ज्ञापन की एक प्रति अधीक्षक लैंड कस्टम्स स्टेशन आईसीपी रुपईडीहा को भी भेजी गई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें