तराई क्षेत्र में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में धुंध और बदली छाई रही, जिससे दिनभर धूप नहीं निकल सकी। मौसम में आए इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तराई क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक इसी तरह धुंध और बादल बने रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम में और बदलाव आ सकता है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना भी बनी हुई है। मौसम से किसान चिंतित मौसम में अचानक बदलाव से खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसान चिंतित हैं। गेहूं और सरसों की फसल इस समय पकने की स्थिति में है। ऐसे में तेज आंधी या बारिश होने पर फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। पयागपुर के किसान रामसूरत यादव ने बताया कि गेहूं की फसल अब कटाई के करीब है। अगर इस समय तेज हवा या बारिश हुई तो फसल गिर सकती है, जिससे काफी नुकसान होगा। वहीं चित्तौरा के किसान मुन्नालाल वर्मा ने कहा कि मौसम के लगातार बदलते मिजाज से फसलों का क्या होगा सोंच नहीं पा रहे। मौसम बदलने पर किसान क्या करें खेतों में खड़ी फसलों की नियमित निगरानी करते रहें। यदि आंधी या बारिश की संभावना हो तो कटाई के लिए तैयार फसलों को जल्द सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में पानी जमा न हो इसके लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। तेज हवा या बारिश से बचाव के लिए कटाई योग्य फसल को समय रहते काटने की योजना बनाएं। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान और सलाह पर ध्यान देते हुए खेती से जुड़े निर्णय लें। बदलते मौसम में फसलों को रोग व कीटों से बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों से परामर्श लेते रहें।