बिजली विभाग में तैनात एक संविदा लाइनमैन की बृहस्पतिवार देर शाम ट्रांसफार्मर का फ्यूज बांधते समय करंट लगने से मौत हो गई। अचानक बिजली सप्लाई चालू होने से हादसा हुआ। सहकर्मी उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने दरगाह थाने पहुंचकर हंगामा करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रामगांव थाना के मिर्जापुर गांव निवासी दीपचंद्र मौर्य बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। बृहस्पतिवार शाम गुल्लावीर मंदिर परिसर के पास स्थित ट्रांसफार्मर में खराबी की सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे थे। बताया गया कि उन्होंने उपकेंद्र से शटडाउन भी ले रखा था। जांच के दौरान ट्रांसफार्मर के फ्यूज में खराबी मिलने पर वह खंभे पर चढ़कर फ्यूज बांध रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू हो गई, जिससे दीपचंद्र तेज करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए और खंभे पर ही बेहोश हो गए। सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें नीचे उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। वे बड़ी संख्या में दरगाह थाने पहुंच गए और बिजली विभाग के एसएसओ, जेई माहिर अली और एडीओ मुकेश कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। इससे थाने में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने बताया कि परिजनों से तहरीर ले ली गई है और उन्हें समझाकर शांत कराया गया है। मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवेश कुमार ने बताया कि संविदा लाइनमैन की मौत की सूचना एसडीओ के माध्यम से मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।