पूर्वोत्तर रेलवे के चीफ इंजीनियर तुषार पांडे ने बुधवार को निर्माण एवं तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण यान से बहुप्रतीक्षित नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन तथा बहराइच–रुपईडीहा रेलखंड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक, स्टेशन परिसर एवं अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के समय रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान ग्राम सभा सहजना के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और चीफ इंजीनियर के समक्ष अपनी प्रमुख समस्या रखी। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे लाइन निर्माण के बाद उनका पुराना आवागमन मार्ग बाधित हो गया है, जिससे खेतों, गांव तथा मुख्य सड़क तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान प्रतिनिधि सहजना मेराज अहमद ने बताया कि इस संबंध में चीफ इंजीनियर को एक मांग पत्र सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन निर्माण से पहले जो दूरी लगभग 500 मीटर में तय हो जाती थी, अब वही रास्ता ढाई से तीन किलोमीटर घूमकर तय करना पड़ रहा है। इससे मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और किसानों को रोजाना काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सुरक्षित एवं स्थायी आवागमन मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की। उल्लेखनीय है कि नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन और बहराइच–रुपईडीहा रेलखंड का पिछले कुछ समय में कई बार तकनीकी, विद्युत एवं सुरक्षा संबंधी निरीक्षण किया जा चुका है। रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण, विद्युतीकरण, स्पीड ट्रायल तथा अन्य तकनीकी परीक्षण भी पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद इस रेलखंड पर नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस बहुप्रतीक्षित रेलखंड पर जल्द ही नियमित यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू होगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।