फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Video: आईसीपी रुपईडीहा में क्लीयरिंग एजेंटों व ट्रक चालकों की हड़ताल, प्रबंधन पर मनमानी का आरोप

भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) रुपईडीहा में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर कस्टम हाउस एजेंटों, क्लीयरिंग एजेंटों तथा ट्रक चालकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सीमा शुल्क आयुक्त को पत्र भेजकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और समाधान होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) द्वारा मनमाने नियम लागू किए जा रहे हैं तथा पार्किंग और गेट पास समय पर जारी नहीं किए जाते, जिससे आयात-निर्यात कार्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि आईसीपी में नई प्रबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद समस्याएं बढ़ गई हैं और निर्यातकों व ट्रांसपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्लीयरिंग एजेंटों ने अपनी मांगों में आईसीपी में बिना शिपिंग बिल के वाहनों के प्रवेश की अनुमति, गेट पास में शिपिंग बिल नंबर संशोधन की सरल प्रक्रिया, कर्मचारियों के शालीन व्यवहार की सुनिश्चितता, ड्राइवरों के लिए बैठने, पेयजल और कैंटीन की व्यवस्था तथा आयात कार्गो को आईजीएम नंबर के बिना प्रवेश की सुविधा देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने एक कर्मचारी नीरज झा पर ड्राइवरों और स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार तथा गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है। ट्रक ड्राइवर मोहम्मद हफीज ने बताया कि आईसीपी के अंदर कैंटीन की व्यवस्था नहीं है यदि कोई ट्रक ड्राइवर खाना बनाता है अंदर तो ₹1000 का जुर्माना देने का प्रावधान है, शुद्ध पेयजल शौच की व्यवस्था चौपट है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पार्किंग पास जारी करने में जानबूझकर देरी की जाती है, जिससे डबल पार्किंग की स्थिति बनती है और फल, सब्जी सहित अन्य शीघ्र खराब होने वाले सामान समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। इससे निर्यातकों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण आईसीपी परिसर और आसपास लगभग 200 से अधिक ट्रक खड़े हो गए हैं। कस्टम हाउस एजेंटों और ट्रक चालकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक वे अपना कार्य संचालन शुरू नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पूर्व प्रबंधक सुधीर शर्मा के कार्यकाल में व्यवस्थाएं बेहतर थीं और समस्याओं का समय पर समाधान हो जाता था, लेकिन नए प्रबंधन के आने के बाद स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आईसीपी का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन में कस्टम हाउस एजेंट हसीब अहमद, धीरज कुमार गिरी, नगेंद्र कुमार, करण शर्मा, रामकुमार तथा ट्रक चालक चंदन वर्मा, मोहम्मद हफीज, जगदीश, इंद्रपाल सिंह, कलीम, इरफान, शमशेर, राधेश्याम, फखरुद्दीन, अजय, रिजवान, रिंकू, दिलदार, कज्जन, सज्जन खान सहित सैकड़ों चालक और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रबंधक तरनजीत से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने कहा मीटिंग में अभी फोन करेंगे।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें