यूपी के बहराइच में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा प्रबंधन को समझने के उद्देश्य से 23 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के दल ने रुपईडीहा बॉर्डर का विस्तृत निरीक्षण किया। प्रशिक्षुओं ने पुलिस व एसएसबी अधिकारियों के साथ पैदल मार्च कर सीमा क्षेत्र के विभिन्न प्वाइंट्स का जायजा लिया। नो-मैन्स लैंड का भी निरीक्षण किया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों को सीमा की संवेदनशीलता, आव्रजन प्रक्रिया, भौगोलिक स्थिति तथा दोनों देशों के बीच होने वाले आवागमन की निगरानी संबंधी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीमा पर तैनात पुलिस व सशस्त्र सीमा बल के जवानों से संवाद कर सुरक्षा चुनौतियों और समाधान के बारे में जानकारी प्राप्त की। एसएसबी 42वीं वाहिनी के कैंप में सहायक कमांडेंट अभिषेक कुमार ने आवागमन और जांच प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षुओं को विस्तार से बताया। टीम द्वारा नो-मैन्स लैंड के नजदीकी हिस्सों का निरीक्षण कर उस क्षेत्र में निगरानी और नियंत्रण की व्यवहारिक चुनौतियों का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के उपरांत टीम आईसीपी रुपईडीहा भी पहुंची। जहां प्रशिक्षु अधिकारियों को बॉर्डर प्रबंधन से जुड़ी तमाम औपचारिकताओं के बारे में ब्रीफ किया गया। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी, प्रभारी निरीक्षक रुपईडीहा रमेश सिंह रावत, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट रमन, असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक कुमार, इंस्पेक्टर ऋतुराज सहित पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारी मौजूद रहे।