बागपत के पुराना कस्बा में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें रमज़ान को इबादत, संयम और समाज सुधार का महीना बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में कारी मोहम्मद हबीबुर्रहमान और मौलाना मोहम्मद आक़िल की मौजूदगी में युवाओं से अपील की गई कि वे बाइक पर तीन-चार सवारी न बैठें, रेसिंग और अनावश्यक घूमने-फिरने से बचें तथा यातायात नियमों का पालन करें। बैठक में मस्जिदों में माइक का उपयोग सीमित रखने और केवल आवश्यक घोषणाएं करने का निर्णय लिया गया। साथ ही नगर पालिका से रमज़ान के दौरान सफाई, पेयजल और बिजली की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग करने का भी निर्णय लिया गया।