शहर के देवी चौक मोहल्ले में रहने वाले सोनू ने 23 अक्तूबर को कोतवाली पर मुकदमा दर्ज कराया था। सोनू ने आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के जिला मंत्री सतपाल उपाध्याय के पास कमेटी डालकर आठ लाख रुपये इकट्ठे किये थे। उन्होंने बहन की शादी के लिए रुपये मांगे तो उसने देने से इंकार कर दिया। इसके बाद पिता हीरालाल के बीमार होने पर उपचार कराने के लिए रुपये नहीं दिए। इसके चलते उसके पिता की मौत हो गई। वह अपने पिता का शव लेकर रुपये मांगने पहुंचा तो उन पर पथराव कर दिया गया। इसके बाद शव रखकर लोगों ने भाजपा नेता के घर के बाहर धरना दिया। इस प्रकरण के बाद भाजपा ने जिला मंत्री को पद से हटा दिया। शुक्रवार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान भाजपा के पूर्व जिलामंत्री सतपाल उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका बेटा नीरज, विशाल और पत्नी कृष्णा फरार है।