अपनी पुश्तैनी सीट बागपत को वापस लेने के लिए रालोद ने पूरी ताकत लगा दी और यहां रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह खुद मैदान में उतर गए है। वह अब लगातार बागपत लोकसभा क्षेत्र में रथ यात्रा निकालेंगे तो रैली भी करेंगे। बागपत में बृहस्पतिवार को चौधरी जयंत सिंह अपने दादा चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि छपरौली के लोयन मलकपुर से शक्ति रथ पर सवार हुए। छपरौली वह विधानसभा है, जिससे चौधरी चरण सिंह सबसे पहली बार वर्ष 1937 में विधायक बने थे। उसके बाद से वह सांसद बनने तक लगातार उस विधानसभा से जीत दर्ज करते रहे। इसलिए ही छपरौली को चौधरी चरण सिंह की सबसे पहली कर्मभूमि कहा जाता है और उनके परिवार का छपरौली से भावनात्मक रिश्ता जुड़ा है।