बागपत के काठा गांव में फौजी भाईचारे और इंसानियत की एक भावुक मिसाल देखने को मिली। यहां 21 जाट रेजीमेंट के सैनिक अपने दिवंगत साथी की बेटी की शादी में परिवार बनकर खड़े हो गए। जिस बेटी के सिर से चार साल पहले पिता का साया उठ गया था, उसकी शादी में सैनिकों ने पिता की तरह हर जिम्मेदारी निभाकर सभी को भावुक कर दिया।