आजमगढ़ के तहसील बूढ़नपुर के बरईपुर के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को पंचायत भवन पर तहसील प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। गांव के दोनों पोखरे को फर्जी तरीके से बाहर के एक व्यक्ति को पट्टा किए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि इन पोखरों से गांव की लगभग 200 बीघा से अधिक खेती की सिंचाई होती है। साथ ही, गांव के पशुओं के जल सेवन, महिलाओं द्वारा जलकुंभी, तिन्नी, करेमुआ जैसे खाद्य पदार्थों का संग्रहण व ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने का कार्य इन्हीं जलाशयों से होता है। आरोप लगाया कि बिना किसी सार्वजनिक सूचना, सहमति के इन पोखरों का पट्टा तहसील प्रशासन के मिली भगत से गांव के बाहरी व्यक्ति को मत्स्य पालन के लिए का दिया गया है, ग्राम सभा की संपत्ति पर अवैध कब्जे के समान है। इससे न सिर्फ गांव के लोगों के अधिकारों का हनन हुआ है, बल्कि पारंपरिक संसाधनों से उन्हें वंचित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मंडलायुक्त, डीएम से मांग किया कि इस पट्टे को निरस्त कर दोषियों पर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। इस मौके पर अखिल भारतीय किसान सभा के त्रिलोकीनाथ, मुनील प्रजापति, अमरजीत, हनुमान, रामबदन, रामदरस, जियालाल, शिवप्रसाद, नीतू, सावित्री आदि मौजूद थे। इस संबंध में तहसीलदार बूढ़नपुर शैलेश कुमार ने बताया कि अभी पट्टा आवंटित नहीं हुआ है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही आगे की कार्रवाई होती है।