उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने सगड़ी सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान 26 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें घरेलू हिंसा, छेड़खानी, जमीनी विवाद तथा दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले शामिल रहे। सदस्य राज्य महिला आयोग ने 10 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कराया, जबकि शेष 16 को संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि महिलाओं को भयमुक्त होकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने की आवश्यकता है तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। इसके उपरांत अजमतगढ़ ब्लाक के बासुपार बनकट पंचायत भवन में डॉ. प्रियंका मौर्या की अध्यक्षता में जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में महिला कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा बाल विकास एवं पुषाहार विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी महिलाओं को दी गई। चौपाल में उपस्थित महिलाओं को दहेज निषेध अधिनियम 1961 के विषय में जागरूक करते हुए बताया कि विवाह के दौरान दहेज लेना, देना अथवा मांग करना दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों को न्यूनतम पांच वर्ष की सजा तथा 15 हजार रुपये अथवा दहेज की कीमत के बराबर जुर्माने का प्रावधान है। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह ने महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजना जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), वन स्टॉप सेंटर योजना तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी दी। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी सगड़ी, उप जिलाधिकारी सगड़ी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, महिला थानाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।