अयोध्या-लखनऊ हाईवे के सोहावल क्षेत्र स्थित धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद परियोजना की मूल योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह मस्जिद अपने पहले प्रस्तावित भव्य स्वरूप में नहीं, बल्कि छोटे आकार में बनाई जाएगी। परियोजना से जुड़े लोगों का कहना है कि फिलहाल उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए पहले चरण में केवल मस्जिद का निर्माण कराया जाएगा। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य मोहम्मद आजम कादरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि चंदे की कमी और विभिन्न प्रशासनिक मंजूरियों में हो रही देरी के कारण परियोजना की रूपरेखा में बदलाव करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पर्याप्त धन उपलब्ध होने पर परियोजना का विस्तार किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रारंभिक योजना के तहत करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से मस्जिद के साथ अस्पताल, म्यूजियम, रिसर्च सेंटर और कम्युनिटी किचन विकसित किया जाना था। हालांकि अब शुरुआती चरण में केवल मस्जिद निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। धन्नीपुर मस्जिद परियोजना का संचालन इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन कर रहा है। यह भूमि सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2019 के अयोध्या फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को आवंटित 5 एकड़ जमीन पर विकसित की जा रही है। ट्रस्ट के अनुसार संशोधित योजना के तहत मस्जिद का निर्माण लगभग एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में आर्थिक संसाधन उपलब्ध होने पर शेष प्रस्तावित सुविधाओं पर भी कार्य शुरू किया जाएगा।