एसआईआर फॉर्म को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण पांडेय पवन ने आरोप लगाया है कि भाजपा एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पिछड़े वर्ग के वोट कटवाने की साजिश कर रही है। पवन का कहना है कि निर्वाचन आयोग 2003 की पुरानी और त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर फॉर्म भरवा रहा है, जिसमें नाम, पिता का नाम, मोहल्ला सहित कई विवरण गलत हैं। बताया कि उन्होंने स्वयं अपना और परिजनों का विवरण दर्ज किया, लेकिन पोर्टल पर “Not Found” दिखाई दिया, जिससे ऑनलाइन प्रणाली की खामियां साफ झलकती हैं। सपा नेता ने कहा कि अयोध्या का पूरा मैप उपलब्ध नहीं है और मतदाता जानकारी ऑनलाइन फीड नहीं कर पा रहे हैं। उनका दावा है कि 80 फीसदी वोटरों को यह भी पता नहीं कि उन्होंने फॉर्म सही भरा है या नहीं, जिससे चुनाव के समय भ्रम की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बीएलओ अपना वस्ता भाजपाई कार्यकर्ताओं को सौंप रहे हैं, जिससे मनमर्जी से वोट कटवाने की आशंका बढ़ रही है। बीएलओ प्रशिक्षित नहीं हैं और कई घरों तक फॉर्म पहुंच भी नहीं पाए हैं, जबकि अंतिम तिथि 4 दिसंबर है। पवन ने कहा कि सूची में दर्ज गलतियों के कारण कई पुरुषों को महिला बना दिया गया है। जातियां बदल गई हैं और कुछ का नाम अयोध्या से हटाकर दूसरी विधानसभा में डाल दिया गया है। सपा ने मांग की है कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। प्रक्रिया को 3 से 5 माह बढ़ाया जाए और घर-घर फॉर्म भरवाकर रसीद दी जाए ताकि मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।