रामनगरी में एक बार फिर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। राम मंदिर में श्री राम यंत्र स्थापना के कार्यक्रम को लेकर संत समाज को आमंत्रित करने का दौर शुरू हो गया है। देश भर के संतों और विशिष्ट अतिथियों को निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्री राम यंत्र स्थापना कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में रामनगरी के संतों को भी आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। साकेत भवन के पीठाधीश्वर सीताराम दास जी महाराज को भी राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजा गया है। सीताराम दास जी महाराज का दावा है कि श्री राम यंत्र की स्थापना अपने आप में दुर्लभ और विशेष आध्यात्मिक महत्व रखने वाली है। उनका कहना है कि श्री राम यंत्र की स्थापना के साथ ही मध्य क्षेत्र में चल रहे संघर्षों का भी अंत होगा और हर ओर रामराज्य की भावना स्थापित होगी। संतों का मानना है कि राम मंदिर में श्री राम यंत्र की स्थापना के साथ पूरे विश्व में शांति और सद्भाव का संदेश जाएगा। सनातन संस्कृति के प्रसार के साथ ही विश्व में अमन और चैन की स्थापना होगी। अयोध्या को सप्तपुरी का मस्तक माना जाता है और यहां से पूरी दुनिया को आध्यात्मिक दिशा मिलने की बात कही जा रही है।राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से भेजे गए आमंत्रण पत्र में सुरक्षा मानकों की पूरी जानकारी भी दी गई है। निमंत्रण पत्र पर एक विशेष बारकोड भी दिया गया है, जिससे आमंत्रित अतिथियों की पहचान और प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।बताया जा रहा है कि संत समाज को औपचारिक रूप से निमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे हैं और राम मंदिर परिसर में प्रवेश केवल निमंत्रण पत्र और आमंत्रण पत्र दिखाने के बाद ही मिलेगा।राम मंदिर ट्रस्ट ने संत समाज के लिए विशेष तैयारियां की हैं। पूरे भारत से लगभग 300 संतों को इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है, जबकि करीब 9000 मेहमान श्री राम यंत्र स्थापना के इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होंगे।