वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के ध्वस्तीकरण को लेकर कांग्रेस में गहरा रोष है। सोमवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं ने इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत पर हमला बताते हुए कचहरी गेट पर प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने कहा कि मणिकर्णिका घाट का ध्वस्तीकरण केवल एक संरचना को तोड़ना नहीं है, बल्कि यह काशी की आत्मा का अपमान है। महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण रानू ने कहा भाजपा सरकार विकास के नाम पर इतिहास और आस्था को रौंद रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा सरकार को न तो इतिहास का सम्मान है और न ही सांस्कृतिक चेतना की समझ। जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा कि यह घटना पूरे देश की ऐतिहासिक चेतना को आहत करती है। कांग्रेस पार्टी दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और विरासत की रक्षा की मांग करती है। ज्ञापन देने वालों में पीसीसी सदस्य राम अवध पासी, राजकुमार पांडेय, रामसागर रावत, अशोक कनौजिया, बसंत मिश्रा, नाजिश फातिमा, उमेश उपाध्याय, रुद्र प्रताप सिंह रिशु, जयप्रकाश पाल राजू, जय प्रताप गुप्त व विजय श्रीवास्तव सहित अन्य शामिल रहे।