रामनगरी अयोध्या में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में आग लगने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। आग की घटना के बाद मंच पर दिया गया बयान विवादों में आ गया है, जिसमें कहा गया कि “यज्ञ के बाद सफाई होनी थी, लेकिन शेषावतार भगवान ने अग्नि रूप धारण कर स्वयं सफाई कर दी इस बयान को लेकर संत समाज में नाराजगी देखी जा रही है। अयोध्या के संत स्वामी करपात्री जी महाराज ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भरे मंच से और सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के माध्यम से वीडियो की घोर निंदा की स्वामी करपात्री जी महाराज ने कहा कि भगवान सृजन करते हैं, विनाश नहीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यज्ञ मंडप के बाद गौशाला में भी आग लगी, तो क्या यह भी भगवान की लीला मानी जाएगी? उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान न केवल आस्था के विपरीत हैं, बल्कि संत समाज की गरिमा को भी ठेस पहुंचाते हैं उन्होंने आगे कहा कि आग लगने की घटना को अज्ञात कारण बताना अधिक उचित होता, लेकिन इसे भगवान से जोड़ना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या स्वामी रामानुजाचार्य सफाई करने के लिए हैं।