रामनगरी के प्राचीन और आस्था के केंद्र बावन मंदिर में रविवार को फूलों की होली बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। मंदिर परिसर में रंगों की जगह गुलाब, गेंदे और विभिन्न पुष्पों की वर्षा के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान के विधिवत पूजन-अर्चन से हुई, जिसके बाद संत-महात्माओं ने एक-दूसरे पर पुष्प अर्पित कर होली की शुभकामनाएँ दीं। “रंग बरसे, राम नाम बरसे” और फाग के पारंपरिक भजनों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर सजी गीत-संगीत की महफिल ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। स्थानीय कलाकारों और भजन मंडली ने होली के पारंपरिक पदों और रामभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर संतगण और श्रद्धालु झूम उठे। ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की मधुर ध्वनि के बीच वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया। मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने कहा कि फूलों की होली प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक एकता का संदेश देती है। यह उत्सव केवल रंगों का नहीं, बल्कि मन के विकारों को त्यागकर भक्ति के रंग में रंगने का प्रतीक है। आयोजन के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को पुष्प अर्पित कर होली की बधाई दी।