रामनगरी के प्राचीन मणि पर्वत झूलनोत्सव मेला के लिए कमिश्नर गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने अपनी टीम के साथ मणि पर्वत क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों ने कहा कि प्राचीन मेला में भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। यह मेला 27 जुलाई को शुरू हो रहा है और सावन के अंतिम दिन पूर्णिमा को रक्षाबंधन के पर्व पर समाप्त होगा। इस मेले में अयोध्या के मंदिरों के विग्रह निकलकर मणि पर्वत पहुंचते हैं, जहां पेड़ पर झूला डालकर उन्हें झुलाया जाता है। इस उत्सव को झूलन उत्सव भी कहा जाता है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो और झूलन उत्सव का आनंद ले सकें, इसके लिए सारी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दरअसल माता सीता जब जनकपुर से अयोध्या आईं तो महाराज जनक ने भारी संख्या में माता सीता को मणि उपहार स्वरूप दिया था जो यहां पर रखा गया और वह मणि पर्वत के नाम से जाना जाता है। सावन के महीने में यहां पर झूलन उत्सव का आयोजन किया जाता है।